भोलेनाथ भोलेनाथ शम्भुनाथ शम्भुनाथ

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

????श्री हरिदास ????

तरज़-जगन्नाथ जगन्नाथ,चक्का नैंन

चक्का नैंन नीलाचल वाले

भोलेनाथ भोलेनाथ शम्भुनाथ

शम्भुनाथ गोरीनाथ गोरीनाथ

ओघड़दानीं,तेरे नाम लिख़दी मैंने

जिंन्दगानीं

तेरे नाम लिख़दी मैंने जिंन्दगानी...

1.मेरी नाव सिर्फ एक तेरे सहारे,

तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें

भोलेनाथ भोलेनाथ शम्भुनाथ

शम्भुनाथ गोरीनाथ गोरीनाथ

ओघड़दानीं,तेरे नाम लिख़दी मैंने

जिंन्दगानीं

तेरे नाम लिख़दी मैंने जिंन्दगानीं...

2.तुझे छोड़ जाऊं मैं अब किस

किसके द्वारे,

तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्हालें

भोलेनाथ भोलेनाथ शम्भुनाथ

शम्भुनाथ गोरीनाथ गोरीनाथ

ओघड़दानीं,तेरे नाम लिख़दी मैंने

जिंन्दगानीं

तेरे नाम लिख़दी मैंने जिंन्दगानीं...

3.भोलेनाथ धसका के हो नैंन के तारे,

मेरे सारे काज स्वामी आप सवारें

भोलेनाथ भोलेनाथ शम्भुनाथ

शम्भुनाथ गोपीनाथ गोरीनाथ

ओघड़दानीं,तेरे नाम लिख़दी मैंने

जिंन्दगानीं

तेरे नाम लिख़दी मैंने जिंन्दगानीं...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।