खेवनहार

प. प्रमोद शुक्ला
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खेवनहार

मेरी नईया के खेवनहार

श्याम क्या तुम बन जाओगे

भक्त भगवान का रिश्ता

बता दो तुम निभाओगे ॥

सहारा मिल गया दर से,गुजारा चल गया मेरा

कष्ट सब कट गए मेरे , नाम जबसे लिया तेरा

बीच मझधार में पतवार

श्याम क्या तुम बन जाओगे...

मेरी नईया के...

बोलो क्यूं कर दिया देरी , श्याम हमको बचाने में

लगी थी दुनिया ये सारी, मेरी इज्जत लुटाने में

मेरे जीवन के पालनहार

नाथ क्या तुम बन जाओगे,

मेरी नईया के ...

मुझे दर तेरे जो लाया,श्याम तेरा दीवाना था

वो पागल था वो प्रेमी था,रोज का आना जाना था

मोहनी सूरत का दीदार

एक झलक क्या दिखलाओगे

मेरी नईया के ...

लेखक - प. प्रमोद शुक्ला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।