सामने बैठे महाकाल,

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

(तर्ज – तुझको पुकारे मेरा प्यार)

सामने बैठे महाकाल,

थोड़ा वक़्त निकालो मेरे वास्ते।

सामने बैठे महाकाल॥

गलती पे गलती किए जा रहा हूँ बाबा,

जुदाई के आँसू पिए जा रहा हूँ बाबा।

तुम ही तो बनो मेरी ढाल,

सामने बैठे महाकाल॥

ठोकर है खाई, बाबा याद है आई,

तेरी ही याद है आई।

तेरे सिवा मेरी करे सुनवाई कौन,

कौन करे सुनवाई।

माया के हटाओ ये जाल,

सामने बैठे महाकाल॥

हालत देख मेरी क्यों ना बोले भोले,

पकड़ लो हाथ मेरा, भँवर में है डोले।

लकी तेरा बाबा दास,

सामने बैठे महाकाल॥

चरणों में तेरे बाबा सिर को झुकाऊँ,

दिल की ये पीड़ा किसको बताऊँ।

तेरी शरण में आया तेरा लाल,

सामने बैठे महाकाल॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।