वैष्णो माँ के द्वार चलो रे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

(तर्ज – बाबा कृपा जिस पे हो जाए)

ऊँची भवन में बैठी है मैया,

आवाज़ सबको देती है मैया।

द्वार चलो सभी, द्वारे चलो रे,

वैष्णो माँ के द्वार चलो रे॥

तीन देवी सबसे निराली,

लक्ष्मी के संग में है यहाँ काली।

काम तेरे यहाँ बनेंगे सारे,

द्वार चलो सभी, द्वारे चलो रे,

वैष्णो माँ के द्वार चलो रे॥

कस लो तुम पेटी, ले लो ये बस्ता,

ऊँची है पैड़ी, लंबा है रास्ता।

साथ तेरे यहाँ मैया चलेगी,

द्वार चलो सभी, द्वारे चलो रे,

वैष्णो माँ के द्वार चलो रे॥

रखवाली यहाँ करते हैं भैरव,

दुखड़े भुलाकर जाते यहाँ सब।

लक्की माँ की महिमा गाए,

द्वार चलो सभी, द्वारे चलो रे,

वैष्णो माँ के द्वार चलो रे॥

Lyrics – Lucky Shuk।a

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।