राम नाम की ज्योत जला

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम नाम की ज्योत जला,

मन का अँधेरा दूर भगा

राम नाम की ज्योत जला,

मेरी हर साँस में राम बसा

भटका जग में दर-दर मैं,

सुख का कोई ठौर न मिला

नाम लिया जब राम का,

भीतर ही उजियारा मिला॥

अब तो मन पुकारे बस, राम तेरा ही नाम सदा

जब अंतर में दीप जला, मिट जाए मेरी हर व्यथा

माया के सब खेल यहाँ,

झूठी सारी ये दुनिया

राम सुमिरन जो कर लिया,

सच्ची हो गई हर धुनिया॥

जब भी अँधियारा छाए, याद तेरा ही नाम आए

राम की लौ जल उठे, मन मैं उजियारा हो जाये

राम नाम की ज्योत जला

राम नाम की ज्योत जला

राम नाम की ज्योत जला

Writer : Marudhun Studios

Emai।: marudhunstudios@gmai।com

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।