जयकारा बोलो शेरोंवाली दा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जयकारा बोलो शेरोंवाली दा

दर पे आई है तेरी सवारी माँ

तेरे चरणों में सिर झुकाऊँ

मेरा जीवन तू ही सँवारी माँ

जयकारा बोलो शेरोंवाली दा

दर पे आई है तेरी सवारी माँ

जिसने तेरा नाम पुकारा

उसका तूने साथ निभाया

सूने घर में दीप जलाकर

भाग्य का सूरज चमकाया

दुख की आँधी हार गई जब

आई तेरी बारी माँ

जयकारा बोलो शेरोंवाली दा

दर पे आई है तेरी सवारी माँ

तेरी चौखट चाँद सितारा

तेरी महिमा जग से न्यारी

तेरे दर से खाली ना जाए

कोई भक्त पुकारे प्यारी

भटके राही को भी तूने

दिखलाई फुलवारी माँ

जयकारा बोलो शेरोंवाली दा

दर पे आई है तेरी सवारी माँ

तेरी ज्योति निराली माता

अंधियारा भी डर जाए

तेरी कृपा की एक किरण से

जीवन रोशन हो जाए

टूटे मन को सहारा देकर

भर दे तू खुशहाली माँ

जयकारा बोलो शेरोंवाली दा

दर पे आई है तेरी सवारी माँ

Writer : Marudhun Studios

Emai।: marudhunstudios@gmai।com

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।