एक नजर कृपा की कर दो सांवरे गिरधारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक नजर कृपा की कर दो , सांवरे गिरधारी ,

दासी की विनती सुन लो , सांवरे गिरधारी ,

कब से खडी हूँ , दर पे सवारिया ,

डाल दो मुझपे , प्रेम नजरिया ,

कब से खडी हूँ , दर पे सवारिया ,

डाल दो मुझपे , प्रेम नजरिया ,

एक बार इधर भी देखो , सांवरे गिरधारी ,

दासी की विनती सुन लो , सांवरे गिरधारी ,

एक नजर कृपा की कर दो , सांवरे गिरधारी ,

दासी की विनती सुन लो , सांवरे गिरधारी ,

जादू भरी है , तेरी नजरिया ,

मैं भी देखु , तेरी लीला सवारिया ,

जादू भरी है , तेरी नजरिया ,

मैं भी देखु , तेरी लीला सवारिया ,

मुझ पर भी जादू कर दो , सांवरे गिरधारी ,

दासी की विनती सुन लो , सांवरे गिरधारी ,

एक नजर कृपा की कर दो , सांवरे गिरधारी ,

दासी की विनती सुन लो , सांवरे गिरधारी ,

सच कहती है , दुनिया सारी ,

जादूगर है , बांके बिहारी

सच कहती है , दुनिया सारी ,

जादूगर है , बांके बिहारी

नजरो से करते है जादू , सांवरे गिरधारी ,

मुझ पे भी कर दिया जादू , सांवरे गिरधारी ,

मुझ पे नजर कृपा की कर दी , सांवरे गिरधारी ,

दासी की विनती सुन ली , सांवरे गिरधारी ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।