गुरु बिना कौन दिखाए

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

गुरु बिना कौन दिखाए,

मोहे राम का द्वारा

अंधियारी मन की गलियाँ,

गुरु कर दें उजियारा

जप तप तीर्थ कर आया,

मन को चैन न आय।

गुरु ने नाम की ज्योति जलाई,

भटका पंथ बताय॥

अब समझ आया जीवन सारा,

गुरु ही सच्चा सहारा॥

गुरु बिना कौन दिखाए,

मोहे राम का द्वारा

अंधियारी मन की गलियाँ,

गुरु कर दें उजियारा

माया नगरी झूठी देखी,

सब जग लागे स्वप्न।

गुरु ने साचा ज्ञान बताया,

राम बसे हर श्वास॥

हर श्वास में नाम समाया,

गुरु ने सत्य बताया॥

गुरु बिना कौन दिखाए,

मोहे राम का द्वारा

अंधियारी मन की गलियाँ,

गुरु कर दें उजियारा

गुरु चरणन की धूलि लगाऊँ,

कट जाए अज्ञान।

गुरु कृपा से मिल जाए मोहे,

राम नाम पहचान॥

तन मन अर्पण गुरु चरणों में,

अब न कोई अज्ञान॥

गुरु बिना कौन दिखाए,

मोहे राम का द्वारा

अंधियारी मन की गलियाँ,

गुरु कर दें उजियारा

Writer : Marudhun Studios

Emai।: marudhunstudios@gmai।com

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।