आना जी मेरे घर आना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आना जी मेरे घर आना,मेरे बांके

बिहारी

बांके बिहारी मेरे,रमण बिहारी

आना जी मेरे घर आना,मेरे बांके

बिहारी...

1.छोटी सी कुटिया में,छोटा सा

परिवार है

आना जी आना प्यारे,तेरा इंतजार

है

देखो भूल नहीं जाना,मेरे बांके

बिहारी

आना जी मेरे घर आना,मेरे बांके

बिहारी...

2.जितना दिया है तूनें,बहुत दिया है

तुमनें तो जीवन में,रंग भर दिया है

बहुत दिया है,बहुत दिया है

तेरा दिल से करूं शुक्राना,मेरे बांके

बिहारी

आना जी मेरे घर आना,मेरे बांके

बिहारी...

3.मेरे घर में कुछ,कमी नहीं है

माखन मिश्री,दूध दही है

कमी नहीं है,दूध दही है,

अब ना लगाना बहाना,मेरे बांके

बिहारी

आना जी मेरे घर आना,मेरे बांके

बिहारी...

4.ला दूंगी तोहै,बांस की पोरी

मंगवाये दूंगी लाला,नूपुर की

जोड़ी

नूपुर की जोड़ी है,नूपुर की जोड़ी

मेरे अंगना में,ठुमंका लगाना मेरे

बांके बिहारी

आना जी मेरे घर आना मेरे बांके

बिहारी...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।