नैनन में श्याम समाएगो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नैंनन में श्याम समाएगो,

मोहे प्रेम का रोग लगाएगो

नैंनन में श्याम समाज...

1.लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन

पे,

बिक जाउंगी लाल तेरी मटकन

‌ पे

मोपे गैंल गरारे पाएगो,

मोहे प्रेम का रोग लगाएगो

नैंनन में श्याम समाएगो,

मोहे प्रेम का रोग लगाएगो

नैंनन में श्याम समाज...

2.मर जाउंगी श्याम तेरे अधरन

पे,

मिट जाउंगी श्याम रे नैनन पे

वो तो तिरछी नज़र चलाएगो,

मोहे प्रेम का रोग लगाएगो

नैंनन में श्याम समाएगो,

मोहे प्रेम का रोग लगाएगो

नैंनन में श्याम समाज...

3.बलिहारी कुंवर तेरी अलकंन

पे,

तेरी बेसर की मोती छलकन

पे

सपनें में का बतराएगो,

मोहे प्रेम का रोग लगाएगो

नैंनन में श्याम समाएगो,

मोहे प्रेम का रोग लगाएगो

नैंनन में श्याम समाज...

4.पागल को है प्यारो वो

नंदलाला,

दिवानें भाए हैं याके सब

गोयाला

वो तो मधुर मधुर मुस्काएगो,

मोहे प्रेम का रोग लगाएगो

नैंनन में श्याम समाएगो,

मोहे प्रेम का रोग लगाएगो

नैंनन में श्याम समाज...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।