आना हमरी अटारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आना हमरी अटारी,मेरे बांकें बिहारी

बांकें बिहारी मेरे,रमण बिहारी

आना हमरी अटारी, मेरे बांकें

बिहारी...

मेरे ससुर का डर मत करियो,

वो तो बुड़ा अनाड़ी मेरे बांकें

बिहारी

आना हमरी अटारी,मेरे बांकें

बिहारी...

मेरी सासु जी का डर मत करियो,

वो तो है बुढ़िया बैचारी,मेरे बांकें

बिहारी

आना हमरी अटारी,मेरे बांकें

बिहारी...

मेरे जेठ जी का डर मत करियो,

वो तो गया है ससुराली,मेरे बांकें

बिहारी

आना हमरी अटारी मेरे बांकें

बिहारी...

मेरी जेठांनी का डर मत करियो,

उसकी अलग है अटारी,मेरे बांकें

बिहारी

आना हमरी अटारी,मेरे बांकें

बिहारी...

5.मेरे देवर जी का डर मत करियो,

उसपे है चलती हमारी,मेरे बांकें

बिहारी

आना हमरी अटारी मेरे बांकें

बिहारी...

6.मेरे पिया जी का डर मत करियो,

वो तो है तेरा पुजारी,मेरे बांकें

बिहारी

आना हमरी अटारी मेरे बांकें

बिहारी...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।