मैं तो तेरी हो गई श्याम शोर है गली-गली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं तो तेरी हो गई श्याम

मैं तो, तेरी, हो गई श्याम,

शोर है, गली-गली ॥

हो शोर है, गली-गली...

हां शोर है, गली-गली ॥

मुझे, लोग, करे बदनाम,

शोर है, गली-गली ।

मैं तो, तेरी, हो गई श्याम...

तुम से, प्रेम, हुआ है जब से ।

छोड़, दिया घर, आंगन तब से ।

मेरी, हो गई, नींद हराम,

शोर है, गली-गली ।

मैं तो, तेरी, हो गई श्याम...

लुट, गई तेरे, प्यार में कान्हा ।

सारा, जग अब, लागे बेगाना ॥

अब, आजा बेदर्दी श्याम,

शोर है, गली-गली ।

मैं तो, तेरी, हो गई श्याम...

जाऊँ, कहाँ यहाँ, कोई ना मेरा ।

में हूँ, तेरी, तूँ है मेरा ॥

ना दुनिया से, कोई काम,

शोर है, गली-गली ।

मैं तो, तेरी, हो गई श्याम...

तन भी, तेरा, मन भी तेरा ।

मन, मंदिर में, तेरा बसेरा ॥

जीवन, कर दिया, मैंने तेरे नाम,

शोर है, गली-गली ।

मैं तो, तेरी, हो गई श्याम...

श्याम, ही शक्ति, श्याम ही भक्ति ।

श्याम, बिना नहीं, मेरी मुक्ति ॥

श्याम मेरे, जीवन, का आधार,

शोर है, गली-गली ।

मैं तो, तेरी, हो गई श्याम...

प्रीत, लगाकर, भूल न जाना ।

मैं, दासी हूँ, मुझे अपनाना ॥

हे रसिक, रमण के, प्राण,

शोर है, गली-गली ।

हे संतन, के घनश्याम,

शोर है, गली-गली ।

मैं तो, तेरी, हो गई श्याम...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।