खोल दे नसीबा दाती

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

खोल दे नसीबा दाती सुनले पुकार मां-२

चरणी लगाके मैंनु रख सेवादार मां,

खोल दे नसीबा दाती,॥

सुनले पुकार दाती करले खयाल मां

सारा जग छोड़ आया मुझको सम्भाल मां,॥

बच्चेया नु लाके गल देदे थोड़ा प्यार मां,॥

खोल दे नसीबा दाती,॥

मैं की करां हुण दस महारानीए

तू ही शेरावालिए मां तू ही लाटावालिए,॥

होर कित्थे जावां छड तेरा दरबार मां,॥

खोल दे नसीबा दाती,॥

दीपक दी लाज रखो करां अरदास मां

भेटा तेरी गांदा रए दीपांशु तेरा दास मां,॥

होर कुज मंगदा नई तूइयो मैंनु तार मां,॥

खोल दे नसीबा दाती,॥

Lyrics - Deepak Sanwra

Singer - Master Deepanshu

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।