मेरो छोटो सो मदन गोपाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-मेरो छोटो सो लड्डू गोपाल

मेरो छोटो सो मदन गोपाल,मचल

गयो माखन पे

माखन पे सखी मिश्री पे

मेरा छोटो सो मदन गोपाल,मचल

गयो माखन पे...

1.लड्डू बनाए मैंने पेड़े बनाए,

पूड़ी पकवान मैंने सब कुछ बनाए

वो तो बैठो फुला के गाल,मचल

गयो माखन पे

मेरो छोटो सो मदन गोपाल,मचल

गयो माखन पे

माखन पे सखी मिश्री पे

मेरा छोटो सो मदन गोपाल,मचल

गयो माखन पे...

2.ना इत डोले ना उत डोले,

ना अंगना किलकारी मारे

ना चले ठुमकनीं चाल,मचल गयो

माखन पे

मेरो छोटो सो मदन गोपाल,मचल

गयो माखन पे

माखन पे सखी मिश्री पे

मेरा छोटो सो मदन गोपाल,मचल

गयो माखन पे...

3.समझा के हार गई मैं,किसने ये लत

डार दई है,

किसने आदत बिगाड़ दई है,

कहां से लाऊं मैं माखन नंदलाल,

मचल गयो माखन पे

मेरो छोटो सो मदन गोपाल,मचल

गयो माखन पे

माखन पे सखी मिश्री पे

मेरा छोटो सो मदन गोपाल,मचल

गयो माखन पे...

4.द्वापर में बहती थी दूधों की नदियां,

माखन की भरी रहती थी मटकिया

कलयुग में पढ़ो है अकाल,मचल

गयो माखन पे

मेरो छोटो सो मदन गोपाल,मचल

गयो माखन पे

माखन पे सखी मिश्री पे

मेरा छोटो सो मदन गोपाल,मचल

गयो माखन पे...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।