कभी राम भजन तूने किया ही नहीं

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

कभी राम भजन तूने , किया ही नहीं ,

तो जीवन ये तेरा , किस काम का ,

कभी भजनो में , मन को लगाया नहीं ,

तो जीवन ये तेरा , किस काम का ,

ना मंदिर गया , ना पूजा करी ,

बस धन को कमा के , तिजोरी भरी ,

ना मंदिर गया , ना पूजा करी ,

बस धन को कमा के , तिजोरी भरी ,

कभी दान धरम तूने , किया ही नहीं ,

तो जीवन ये तेरा , किस काम का ,

कभी राम भजन तूने , किया ही नहीं ,

तो जीवन ये तेरा , किस काम का ,

कभी भजनो में , मन को लगाया नहीं ,

तो जीवन ये तेरा , किस काम का ,

ना अयोध्या गया , ना काशी गया ,

कैसी माया के चक्कर में , तू पड़ गया ,

ना अयोध्या गया , ना काशी गया ,

कैसी माया के चक्कर में , तू पड़ गया ,

कभी सरयू में जाकर , नहाया नहीं ,

तो जीवन ये तेरा , किस काम का ,

कभी राम भजन तूने , किया ही नहीं ,

तो जीवन ये तेरा , किस काम का ,

कभी भजनो में , मन को लगाया नहीं ,

तो जीवन ये तेरा , किस काम का ,

ना राम जपा , ना माला करी ,

फिर कैसे तुझे , मिलेंगे हरी ,

ना राम जपा , ना माला करी ,

फिर कैसे तुझे , मिलेंगे हरी ,

कभी राम का नाम , लिया ही नहीं ,

तो जीवन ये तेरा , किस काम का ,

कभी राम भजन तूने , किया ही नहीं ,

तो जीवन ये तेरा , किस काम का ,

कभी भजनो में , मन को लगाया नहीं ,

तो जीवन ये तेरा , किस काम का ,

Bhajan Lyrics & Voice - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।