तेरा हर इक कम है कमाल दा, दुनिया बनाण वालया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा हर इक कम है कमाल दा, दुनिया बनाण वालया

तेरा हर इक कम है कमाल दा, दुनिया बनाण वालया ॥

सूरज च खेलदा ते तारेयां च हसदा,

हो जाके चंदा च शकल लुकाई आ, दुनिया बनाण वालया ।

कोई होर ना देख्या तेरे नाल दा, दुनिया बनाण वालया ।

तेरा हर इक कम है कमाल दा... ॥

माया च खेलदा ते सुखां च हसदा,

हो जाके दुनिया च शकल लुकाई आ, दुनिया बनाण वालया ।

कोई होर ना देख्या तेरे नाल दा, दुनिया बनाण वालया ।

तेरा हर इक कम है कमाल दा... ॥

भगतां च वसदा ते पापियां तों नसदा,

हो जाके पथरां च शकल लुकाई आ, दुनिया बनाण वालया ।

कोई होर ना देख्या तेरे नाल दा, दुनिया बनाण वालया ।

तेरा हर इक कम है कमाल दा... ॥

झोपड़ियां च खेलदा ते महलां च हसदा,

हो जाके मंदिरां च शकल लुकाई आ, दुनिया बनाण वालया ।

कोई होर ना देख्या तेरे नाल दा, दुनिया बनाण वालया ।

तेरा हर इक कम है कमाल दा... ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।