बिहारी जी के दर पे, जाता जो एक बार , उसके लिए खुल जाते हैं वैकुंठ के भी द्वार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बिहारी जी के दर पे , जाता जो एक बार ,

उसके लिए खुल जाते है , वैकुंठ के भी द्वार ,

कुंज गली में बेठे , बांके बिहारी ,

महिमा उनकी है , सबसे न्यारी ,

कुंज गली में बेठे , बाके बिहारी ,

महिमा उनकी है , सबसे न्यारी ,

जो भी जाता दर पे , हो जाता भव से पार ,

उसके लिए खुल जाते है , वैकुंठ के भी द्वार ,

बिहारी जी के दर पे , जाता जो एक बार ,

उसके लिए खुल जाते है , वैकुंठ के भी द्वार ,

चाहे वो राजा हो , या हो भिखारी ,

सब पे कृपा करते, बाके बिहारी ,

चाहे वो राजा हो , या हो भिखारी ,

सब पे कृपा करते, बांके बिहारी ,

पल भर में ही सबकी , नय्या लगाते पार ,

उसके लिए खुल जाते है , वैकुंठ के भी द्वार ,

बिहारी जी के दर पे , जाता जो एक बार ,

उसके लिए खुल जाते है , वैकुंठ के भी द्वार ,

बिन मांगे वो , सब कुछ देते है ,

भक्तो की खाली झोली, वो भर देते है ,

बिन मांगे वो , सब कुछ देते है ,

भक्तो की खाली झोली, वो भर देते है ,

अपने भक्तो पर वो , लुटाते है भंडार,

उसके लिए खुल जाते है , वैकुंठ के भी द्वार ,

बिहारी जी के दर पे , जाता जो एक बार ,

उसके लिए खुल जाते है , वैकुंठ के भी द्वार ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।