हुई सफल कमाई महाराज भरतरी थारी

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हुई सफल कमाई महाराज ,

भरतरी ओ थारी , भरतरी थारी ।

मालिक रे कारण जोग फकीरी धारी ।

ईश्वर रे कारण जोग फकीरी धारी ॥

राजा सूतो महल रे माँय ,

तृष्णा जागी , तृष्णा ओ जागी ।

ज्यां ने मिल गया गोरख नाथ ,

भरमना ओ भागी

हुई सफल कमाई ।

राजा गयो जंगल रे माँय ,

दे रयो हेला , दे रयो हेला ।

ज्यां ने मिल गया गोरख नाथ ,

मूड लिया चेला

हुई सफल कमाई ।

राजा जावो शहर रे माँय ,

दे आवो फेरी , दे आवो फेरी ।

पिंगळा ने कहिजो मात ,

करो मत देरी ॥

हुई सफल कमाई ।

राजा गयो महल रे माँय ,

दे रयो फेरी , दे रयो फेरी ।

भिक्षा घालो पिंगळा मात ,

मत करो देरी ॥

हुई सफल कमाई ।

राणी खड़ी महल रे माँय ,

लटिया तोड़े , लटिया तोड़े ।

राजा एक दिन पकड्यो हाथ ,

प्रीत काँई तोड़े ।

हुई सफल कमाई ।

राणी खड़ी ड्योढ़ी के बीच ,

कळप रही काया , कलप रही काया ।

थारा मरजो गोरख नाथ ,

राज छुड़वाया ॥

हुई सफल कमाई ।

राणी मत दे गुरुने गाळ ,

करम रेखा न्यारी , करम रेखा न्यारी ।

म्हारे लिखिया विधाता लेख ,

टरे नहीं टारी ॥

हुई सफल कमाई ।

एक सोहन शिखर रे बीच ,

सांकड़ी सेरी , सांकड़ी सेरी ।

ए गावे जरणानाथ ,

भजन रा ओ लहरी ॥

हुई सफल कमाई ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।