खूब सजाया मईया तेरा दरबार

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

खूब सजाया मईया तेरा दरबार ,

आओ शेरोंवाली हो के शेर पे सवार,

साथ मे हो लंगर वीर साथ भैरो नाथ हो,

साथ में गणेश जी का हो माँ दीदार,

खूब सजाया मईया तेरा दरबार ,

आओ शेरोंवाली हो के शेर पे सवार...

स्वागत में हम तेरे खड़े है तैयार,

खड़े है तैयार मईया खड़े है तैयार,

हाथों में ले के माँ फूलों के हार,

फूलों के हार मईया फूलों के हार,

माँ पहाड़ोंवाली तेरे ऊंचे पहाड़,

ऊंचे पहाड़ मईया ऊंचे पहाड़,

भगतो को दिया तूने प्यार बेशुमार,

प्यार बेशुमार मईया प्यार बेशुमार,

तेरी ही पूजा माँ रब की पूजा,

पूजा करो स्वीकार,

खूब सजाया मईया तेरा दरबार...

भगतो ने भक्ति की ओढ़ ली डगरिया,

हाथों में ले कर लाल चुनरिया,

लाल चुनरिया माँ लाल चुनरिया,

मईया ज्योतोवाली तेरी ऊँची है शान,

माँ बच्चों को दे दे ममता का वरदान ,

तुमको ओढ़ायेंगे लाल चुनरिया,

हो रही जय जयकार ,

खूब सजाया मईया तेरा दरबार,

भगतो की दर पे लगी है कतार,

पाने को मईया रानी तेरा दीदार,

भगतो ने तेरी माँ ज्योत जगाई है,

हाथों से पूजा की थाली सजाई है ,

थाली सजाई है माँ थाली सजाई है,

चरणों मे तेरे भेंट चढ़ाए,

सुन लो हमारी पुकार ,

खूब सजाया मईया तेरा दरबार ,

आओ शेरोंवाली हो के शेर पे सवार,

साथ मे हो लंगर वीर साथ भैरो नाथ हो,

साथ में गणेश जी का हो माँ दीदारवार,

खूब सजाया मईया तेरा दरबार ,

आओ शेरोंवाली हो के शेर पे सवार...

खूब सजाया मईया तेरा दरबार

आओ शेरोंवाली हो के शेर पे सवार...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।