दिल दिया मुझको ऐ श्याम प्यारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-आज क्या जानों ऐ श्याम सुंदर

दिल दिया तुमको ऐ श्याम प्यारे,

आशा तुझसे लगाई हुई है

तेरा दामन ना छोड़ूगीं मैं,

ऐसी दिल में समाई हुई है...

मेरे दिल में पड़े हैं जो छाले,देखले आके

ओ मुरली वाले

प्रित जबसे लगाई है तुमसे,अच्छी जग में

हंसाई हुई है

दिल दिया तुमको ऐ श्याम प्यारे,आशा

तुझसे लगाई हुई है

तेरा दामन ना छोड़ूगीं मैं,ऐसी दिल में

समाई हुई है...

तुन्हें सब की है बिगड़ी बनाई,तेरे द्वारे पे

मैं भी हुं आई

क्या ख़ता मुझसे ऐसी हुई है,जो ना मेरी

सुनाई हुई है

दिल दिया तुमको ऐ श्याम प्यारे,आशा

तुझसे लगाई हुई है

तेरा दामन ना छोड़ूगीं मैं,ऐसी दिल में

समाई हुई है...

जग ने मुझको कहीं का छोड़ा,नाता इस

वास्ते मैंनें तोड़ा

दुश्मनों ने तो है मुझको बक्श़ा,चोट

अपनों से खाई हुई है

दिल दिया तुमको ऐ श्याम प्यारे,आशा

तुझसे लगाई हुई है

तेरा दामन ना छोड़ूगीं मैं,ऐसी दिल में

समाई हुई है...

हे गोपाल मुरलिया वाले,नंदलाल

मुरलिया वाले

श्री राधा जीवन निलमणी,गोपाल

मुरलिया वाले

हे गोपाल मुरलिया वाले,हे नंदलाल

मुरलिया वाले

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।