मेरा हो यही रोज का काम, जपूं मैं राधे राधे नाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिन रात सुबह और शाम, मेरा हो यही रोज का काम।

जपूं मैं राधे राधे नाम-2॥

किशोरी ऐसी कृपा कीजो।

अपने नाम की भक्ति दीजो॥

तेरो नाम मेरो सुखधाम॥जपूं मैं...

राधा नाम बड़ो सुखकारी।

जिससे मिटती विपदा सारी॥

कटते जिससे कष्ट तमाम॥जपूं मैं...

तेरी लगन न छूटने पाए।

चाहे तन से प्राण ये जाए॥

चाहे कुछ भी हो अंजाम॥जपूं मैं...

करुणामयी सरकार तुम्हीं हो।

जीवन का आधार तुम्हीं हो॥

तुम बिन जीवन ढलती शाम॥जपूं मैं...

अवधेश राणा बृजवासी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।