छम छम नाचे देखो गणपति लाला

संत सूरदास
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

छम छम नाचे देखो गणपति लाला

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छम छम, नाचे देखो, गणपति लाला ॥

कहते हैं, लोग इसे...हो... ॥गौरी माँ का लाला,

हो छम छम ॥नाचे देखो, गणपति लाला...

एकदंत, दयावंत, चार भुजा धारी ।

माथे, सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥

गले में, पड़ी है तेरे...हो... ॥मोतियन की माला,

हो छम छम ॥नाचे देखो, गणपति लाला...

पान चढ़े, फूल चढ़े, और चढ़े मेवा ।

लड्डुयन का, भोग लगे, संत करें सेवा ॥

कानों में, कुंडल सोहे...हो... ॥मुकुट विशाला,

हो छम छम ॥नाचे देखो, गणपति लाला...

अंधन को, आंख देत, कोढ़िन को काया ।

बांझन को, पुत्र देत, निर्धन को माया ॥

बांझन, को भी तूने...हो... ॥दे दिया लाला,

हो छम छम ॥नाचे देखो, गणपति लाला...

सूर श्याम, शरण आए, सफ़ल कीजे सेवा ।

माता, जाकी पार्वती, पिता महाँ देवा ॥

भोले का, दुलारा मईया...हो... ॥गौरी का लाला,

हो छम छम ॥नाचे देखो, गणपति लाला...

दीनन की, लाज़ राखो, शंभु सुत वारी ।

कामना को, पूर्ण करो, जाऊँ बलिहारी ॥

प्रथम, मनाऊँ तुम्हें...हो... ॥शिव जी के लाला,

हो छम छम ॥नाचे देखो, गणपति लाला...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।