यमुना के तट पर है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

यमुना के तट पर है धाम तेरा बाबा,

सब कहते है तुमको मरघट वाले बाबा,

मंगल शानिषर को तेरी पूजा भारी है,

लड्डू व् चूरमे का तुम्हे भोग लगे बाबा,

यमुना के तट पर है.....

भगतो के सुख दुःख में तुम सदा सहाई हो,

संकट मोचन तुमको सब कहते है बाबा,

यमुना के तट पर है.....

सिंदूरी चोले पर चांदी का बर्क लगे,

तेरा लाल लंगोटा है,

और लाल ध्वजा बाबा,

यमुना के तट पर है.....

यमुना मैया बाबा तुम्हे लाड लड़ाती है,

अंजना मैया जैसा तुम्हे प्यार करे बाबा,

यमुना के तट पर है....

तेरा तेज निराला है तेरा रूप निराला है,

दर आये भगतो के सब काम बना बाबा,

यमुना के तट पर है...

तेरे मेरे मन की सब जानते है बाबा,

रणजीत राजा को भी चरणों से लगा बाबा,

यमुना के तट पर है...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।