ले लो ले लो रे दुपट्टा हरि नाम का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विष्णु भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ले लो रे दुपट्टा हरि नाम का

ले लो, ले लो रे दुपट्टा, हरि नाम का ॥

हरि, नाम का भक्तो, हरि / प्रभु नाम का ॥

ले लो, ले लो रे दुपट्टा, हरि...

ओढ़ के, दुपट्टा, मीरा बाई झूमें ॥

ज़हर, प्याले में, मोहन को ढूँढे ॥

ओ लिया, नाम का, सहारा, हरि नाम का ॥

ले लो, ले लो, रे दुपट्टा, हरि...

ओढ़ के, दुपट्टा, द्रोपदा माई झूमें ॥

भरी, सभा में, श्याम जी को ढूँढे ॥

ओ लिया, नाम का सहारा, हरि नाम का ॥

ले लो, ले लो, रे दुपट्टा, हरि...

ओढ़ के, दुपट्टा, राधा रानी झूमें ॥

बर,साने में, मोहन को ढूँढे ॥

ओ लिया, नाम का, सहारा, हरि नाम का ॥

ले लो, ले लो, रे दुपट्टा, हरि...

ओढ़ के, दुपट्टा, भीलनी माई झूमें ॥

वन, वन जाकर, राम जी को ढूँढे ॥

ओ लिया, नाम का सहारा, हरि नाम का ।

ले लो, ले लो, रे दुपट्टा, हरि...

ओढ़ के, दुपट्टा, रुद्रा मंडली झूमें ॥

हो, सत्संग में, भगवान को ढूँढे ॥

ओ लिया, नाम / गुरु का सहारा, हरि नाम का ।

ले लो, ले लो, रे दुपट्टा, हरि...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।