हो रही जय जयकार मईया जी तेरे मंदिर में - देसी भजन

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हो रही जय जयकार मईया जी

हो रही, जय जयकार, मईया जी, तेरे मंदिर में ॥

मंदिर में, माँ तेरे, मंदिर में ॥

भक्त, खड़े दिन रात, मईया जी, तेरे मंदिर में ॥

हो रही, जय जयकार, मईया जी...

मईया, तेरे मंदिर में, ब्रह्मा जी आए ।

ब्रह्मा जी, आए संग, ब्रह्माणी को लाए ॥

वेद, पढ़े दिन रात, मईया जी, तेरे मंदिर में ।

हो रही, जय जयकार, मईया जी...

मईया, तेरे मंदिर में, विष्णु जी आए ।

विष्णु जी, आए संग, लक्ष्मी माँ को लाए ॥

शंख, बजे दिन रात, मईया जी, तेरे मंदिर में ।

हो रही, जय जयकार, मईया जी...

मईया, तेरे मंदिर में, शंकर जी आए ।

शंकर, जी आए संग, गौरां माँ को लाए ॥

डमरू, बजे दिन रात, मईया जी, तेरे मंदिर में ।

हो रही, जय जयकार, मईया जी...

मईया, तेरे मंदिर में, राम जी आए ।

राम जी, आए संग, सीता माँ को लाए ॥

धनुष, चले दिन रात, मईया जी, तेरे मंदिर में ।

हो रही, जय जयकार, मईया जी...

मईया, तेरे मंदिर में, कान्हा जी आए ।

कान्हा जी, आए संग, राधा जी को लाए ॥

मुरली, बजे दिन रात, मईया जी, तेरे मंदिर में ।

हो रही, जय जयकार, मईया जी...

मईया, तेरे मंदिर में, पौणाहारी आए ।

पौणाहारी, आए संग, भरथरी जी को लाए ॥

चिमटा, बजे दिन रात, मईया जी, तेरे मंदिर में ।

हो रही, जय जयकार, मईया जी...

मईया, तेरे मंदिर में, भक्त जन आए ।

भक्त जन, आए संग, ढोलक चिमटा लाए ॥

कीर्तन, करे दिन रात, मईया जी, तेरे मंदिर में ।

हो रही, जय जयकार, मईया जी...

जय माता दी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।