किरपा तेरी श्याम धणी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

किरपा तेरी श्याम धनी जिस पर हो जाती है

उसकी किस्मत भी दुनिया में फिर मौज उड़ाती है

मौज मिले हर रोज मिले ,बस एक इशारा काफी है

जीवन महकेगा फूलों सा, बस तेरा नज़ारा काफी है

जिस पर बाबा तेरी मोरछड़ी लहराती है -2

उसकी किस्मत भी दुनिया में फिर मौज उड़ाती है

भाव भजन भक्ति के कारण, ही तेरा ये द्वार मिला

संकट की घड़ियों में बाबा ,तेरा ये दरबार मिला

तेरे दर की धूली जिस माथे लग जाती है -2

उसकी किस्मत भी दुनिया में फिर मौज उड़ाती है

किरपा करते रहना इतनी,तेरा दर ये छूटे ना

छुट जाए जग सारा बाबा,तुमसे रिश्ता टूटे न

रसिक श्याम के नाम से , किरपा बढ़ती जाती है -2

उसकी किस्मत भी दुनिया में फिर मौज उड़ाती है

किरपा तेरी श्याम धनी जिस पर हो जाती है

उसकी किस्मत भी दुनिया में फिर मौज उड़ाती है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।