कला मेरे बाबा की जगी

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॥ पावन पाठ ॥

जिला भिंड मेहगांव नगर मे मठिया गजब बनी

जिला भिंड मेहगांव नगर मे महिमा गजब जगी

कला मेरे बाबा की जगी भूमिया बाबा की जगी

भिंड जिला मे चर्चा है भारी यूपी मे रओ हल्ला

जिनके नाइने आस ललिन की तिनके है रहे लला

चार चार ललन के बीच मे जन्मी एक लली

कला मेरे बाबा की जगी...

जो तुम बाबा मेरी सुनोगे तुम पर कथा करावे

लियाय पीतल को भारी घंटा बाबा तुमपे चढ़ावे

तियारी कृपा से बाबा मेरी है रही भली भली

कला मेरे बाबा की जगी...

जो कोई सच्चे मन से बाबा तुमसे अरज लगावे

भूमिया बाबा अपने भक्त के पल मे कष्ट मिटावे

हरिओम दास महाराज पे कृपा तियारी बरस रही

कला मेरे बाबा की जगी...

Lyrics - Brajbihari Sharma

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।