कुंडला वालेया जरा अख़ मिलाई ओये

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-छोटा देवरा भाभी नाल

लड़येई ओये

कुंडला वालेया ज़रा,आँख मिलाई

ओये

मैं वीं आई हां,क्यों नीवीं पाई

ओये

कुंडला वालेया...

1.लोकी कहंदे तूं,भोलेयाँ नुं ठगनां

ओये

पर मैं की करां,तूं मैंनू सोणां

लगदा ओये

सांवली सूरत ने,मेरी सूर्त घुमाई

ओये

मैं वीं आई हां क्यों नीवीं पाई ओये

कुंडला वालेया ज़रा आँख मिलाई

ओये,

मैं वीं आई हां क्यों नीवीं पाई

ओये

कुंडला वालेया...

2.माला जपदी हां,मन मेरा टिकदा

नहीं

किदरो ले आवा,तूं हटियो विकदा

नहीं

दस मैं की करां,मेरी जान ते आई

ओये

मैं वीं आई हां,क्यों नीवीं पाई

ओये

कुंडला वालेया जरा अख़ मिलाई

ओये,

मैं वीं आई हां क्यों नीवीं पाई

ओये

कुंडला वालेया...

3.तीर विछोड़े दिल मेरे,सीने वडदे ने

जद मैं रोंदी हां,लोकी टीचरा करदे

ने

तेरे नाम बिना मेरी,ज़िंन्द कुमलाई

ओये

मैं वीं आई हां,क्यों नीवीं पाई

ओये

कुंडला वालेया ज़रा आँख मिलाई

ओये

मैं वीं आई हां क्यों नीवीं पाई

ओये

कुंडला वालेया...

4.जन्मां जन्मां तो,मेरी अखियां

प्यासी ओये,

हर वारी भूल जांदा,मैं तेरी श्री

हरिदासी ओये

5.गेड़े चौरासी दे,विच ना हुणं

पाई ओये,

मैं वीं आई हां,क्यों नीवीं पाई

ओये

कुंडला वालेया ज़रा,अंख

मिलाई ओये,

मैं वीं आई हां क्यों नीवीं पाई

ओये

कुंडला वालेया...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।