जितना कम सामान रहेगा

गोपालदास नीरज
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

????श्री हरिदास ????

तरज़-यमुना का किनारा हो प्रितम

प्यारा हो

जितना कम सामान रहेगा,उतना

सफ़र आसान रहेगा

जितनी भारी गठरी होगी,उतना तूं

परेश़ांन रहेगा

जितना कम सामान रहेगा,उतना

सफ़र आसान रहेगा

जितना कम सामान...

उससे मिलना नामुनक़िन है,जब

तक ख़ुद का ध्यान रहेगा

जितना कम सामान रहेगा,उतना

सफ़र आसान रहेगा

जितनी भारी गठरी होगी,उतना तूं

परेश़ांन रहेगा

जितना कम सामान...

हाथ मिलें और दिल न मिलें,ऐसे में

नुक़सान रहेगा

‌ जितना कम सामान रहेगा,उतना

सफ़र आसान रहेगा

जितनी भारी गठरी होगी,उतना तूं

परेश़ांन रहेगा

जितना कम सामान...

जब तक मंदिर और मस्ज़िद हैं,

मुश्क़िल में इंसान रहेगा

जितना कम सामान रहेगा,उतना

सफ़र आसान रहेगा

जितनी भारी गठरी होगी,उतना तूं

परेश़ांन रहेगा

जितना कम सामान...

नीरज तो कल यहाँ न होगा,

उसका गीत विधान रहेगा

जितना कम सामान रहेगा,उतना

सफ़र आसान रहेगा

जितनी भारी गठरी होगी,उतना तूं

परेश़ांन रहेगा

जितना कम सामान...

रचनाकार-गोपालदास नीरज

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कोंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।