मईया जाने कब आ जाए

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मईया जाने कब आ जाए

मईया, जाने, कब आ जाए ॥

कि खुला, दरवाज़ा रखना,

कि खुला, दरवाज़ा रखना... मेरी माँ ॥

मईया, के, नवरात्रे आए ।

सब, बैठे हैं, जोत जगाए ॥

मईया, के, नवरात्रे आए,

सब, बैठे हैं, जोत जगाए ।

मईया, के, नवरात्रे आए ।

सब, बैठे हैं, जोत जगाए॥

मईया, जाने, कब आ जाए ।

कि आसन, लगा के रखना

कि खुला, दरवाज़ा रखना... मेरी माँ ॥

मईया, जाने, कब आ जाए...

जो, श्रद्धा से, माँ को बुलाए ।

उस, घर में माँ, दौड़ी आए ॥

जो श्रद्धा से, माँ को बुलाए,

उस, घर में माँ, दौड़ी आए,

जो, श्रद्धा से, मां को बुलाए,

उस, घर में माँ, दौड़ी आए,

फूलों से, घर, महका के ।

एक, लोटा जल, ताज़ा रखना,

कि खुला, दरवाज़ा रखना... मेरी माँ ॥

मईया, जाने, कब आ जाए...

जिस, पे मईया, होगी प्रसन्न ।

उसको, देगी, पहले दर्शन ॥

जिस, पर मईया, होगी प्रसन्न,

उसको, पहले, देंगी दर्शन ।

जिस, पर मईया, होगी प्रसन्न ।

उसको, पहले, देंगी दर्शन ॥

मईया की, भेटें, गा कर ।

बजाकर, ढोलक, चिमटा रखना,

कि खुला, दरवाज़ा रखना... मेरी माँ ॥

मईया, जाने, कब आ जाए...

जो, मईया के, दर्शन पाए ।

उसको, मईया, मिल ही जाए ॥

जो, मईया के, दर्शन पाए,

उसको, मईया, मिल ही जाए ।

जो, मईया के, दर्शन पाए ।

उसको, मईया, मिल ही जाए ॥

ना कमी, कहीं रह जाए ।

बस, इतना, अंदाजा रखना

कि खुला, दरवाज़ा रखना... मेरी माँ ॥

मईया, जाने, कब आ जाए...

जय माता की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।