मोहें कान्हा बहुत सतावे सखी री

ज्योति नारायण पाठक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोहें कान्हा बहुत सतावे सखी री,

पनिया भरन जब घर से निकलूं,

मुरली तान सुनावे सखी री,

मोहें कान्हा बहुत सतावे सखी री......

जादू भरे हैं कान्हा की अंखिया,

नैनन बाण चलावे सखी री,

मोहें कान्हा बहुत सतावे सखी री.......

पास बुलावे मोरा मन भरमावे,

बतिया बहुत बनावे सखी री,

मोहें कान्हा बहुत सतावे सखी री......

नाच नचावे मोसे रास रचावे,

मोहें समझ कछु नहीं आवे सखी री,

मोहें कान्हा बहुत सतावे सखी री.......

रचना: ज्योति नारायण पाठक

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।