श्याम सांवरे ओर मेरे श्याम सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम साँवरे ओ मेरे श्याम सँवारे

श्याम साँवरे ओ मेरे श्याम सँवारे,

जानें कब होगा वो नज़ारा

तूं जो मिल जाये सारी दुनिया छोड़ दूं,

कुछ मांगू नहीं दुबारा

तूं जो मिल जाये सारी दुनिया छोड़ दू,

कुछ मांगू नहीं दुबारा

श्याम साँवरे ओ मेरे श्याम सँवारे...

तूनें ही दिया है मोहे,सभी कुछ दिया है

तूनें ही दिया है मोहे,सभी कुछ दिया है

तेरा शुक्रिया है रे,तेरा शुक्रिया है रे

तेरा शुक्रिया है रे

तोहे अर्पंण जीवन सारा

तूं जो मिल जाये सारी दुनिया छोड़ दूं,

कुछ मांगू नहीं दोबारा

तूं जो मिल जाये सारी दुनिया छोड़ दूं,

कुछ मांगू नहीं दोबारा

श्याम साँवरे ओ मेरे श्याम सँवारे...

कहने लगे है सब मुझको दिवानी रे,

कहने लगे है सब मुझको दिवानी रे

तूं जानें ना जानें कोई क्या है ये कहानी रे,

किसे ने ना जानी रे

एक तू ही साँचा सहारा

तूं जो मिल जाये सारी दुनिया छोड़ दूं,

कुछ मांगू नहीं दोबारा

तूं जो मिल जाये सारी दुनिया छोड़ दूं,

कुछ मांगू नहीं दोबारा

श्याम साँवरे ओ मेरे श्याम सँवारे...

ऐसा कब होगा तेरे चरण दबाऊं मैं,

ऐसा कब होगा तेरे चरण दबाऊं मैं

देख देख छविं पलकों में बसाऊं रे,झूम

झूम जाऊं रे

लेहरी तूं ही प्रीतम प्यारा

तूं जो मिल जाये सारी दुनिया छोड़ दूं,

कुछ मांगू नहीं दोबारा

तूं जो मिल जाये सारी दुनिया छोड़ दूं,

कुछ मांगू नहीं दोबारा

श्याम साँवरे ओ मेरे श्याम सँवारे

श्याम साँवरे ओ मेरे श्याम सँवारे,

जानें कब होगा वो नज़ारा

तूं जो मिल जाये सारी दुनिया छोड़ दूं,

कुछ मांगू नहीं दुबारा

तूं जो मिल जाये सारी दुनिया छोड़ दूं,

कुछ मांगू नहीं दुबारा

श्याम साँवरे ओ मेरे श्याम सँवारे...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।