लंका में डंका बजाए गयो रे मा अंजनी का लाला, लाल लंगोटे वाला

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

लंका में डंका बजाए गयो रे लाल लंगोटे वाला

मॉं अंजनी का लाला

नासे रोग हरे सब पीरा , जपत निरंतर हनुमत बीरा

भगतों की विपदा मिटाए गयो रे लाल लंगोटे वाला

मॉं अंजनी का लाला

संकट कटे मिटे सब पीरा जो सुमिरे हनुमत बलबीरा

भगतों के संकट मिटाए गयो रे लाल लंगोटे वाला

मॉं अंजनी का लाला

भूत पिशाच निकट नही आवे , महावीर जब नाम सुनावे

भूत प्रेत बाधा को भगाए गयो रे लाल लंगोटे वाला

मॉं अंजनी का लाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।