मोहन की जो याद आई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोहन की जो याद आई,अश़्कों को

बहाने दो

जिन राहों से आना है,राहों को

सजानें दो

मोहन की जो याद आई...

1.जो चाहे सज़ा देना,ऐ श्याम के

दरबानों

चौखट पे ज़रा इनकी,मुझे सर तो

झुकानें दो

जिन राहों से आना है,राहों को

सजानें दो

मोहन की जो याद आई...

2.सुनतीं हूं मेरे मोहन,नज़रों से पिलाते‌

हैं

नज़रों से ज़रा इनकी,नज़रें तो

मिलाने दो

जिन राहों से आना है,राहों को

सजानें दो

मोहन की जो याद आई...

3.रूठना और तड़पाना,ये बांकीं अदा

उनकी

वो रूठे रहें चाहें,मुझको तो मनानें

दो

जिन राहों से आना है,राहों को

सजानें दो

मोहन की जो याद आई...

4.दुनिया में अगर मेरी,यहां कोई नहीं

सुनता

जो सब की सुनता है,उनको तो

सुनानें दो

जिन राहों से आना है,राहों को

सजानें दो

मोहन की जो याद आई...

श्याम मेरे श्याम,श्याम मेरे श्याम

मेरे श्याम मेरे श्याम,मेरे श्याम मेरे

श्याम

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।