तेरे ख्यालों मे खोया रहू

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरे ख्यालों खोया रहूँ मैं जागु मै दिन और रात,

हे शिव शंकर हे पलयकंर हे जग के आधार,

तेरे बिना मेरी कोन सुनेगा,

तेरे सिवा मेरी कोन खबर ले,

सुन लो ना दिल की पुकार,

तेरे ख्यालों ....

मन पंछी बैचेन दर्श बिना अब तो दर्श दिखावो,

अँखियाँ ऐसे बरस रही है जैसे सावन की बरसात,

तेरे ख्यालो.........

विष पिये खुद अमृत बाटें तूझसा नहीं कोई दानी

नटवर दया की भिक्षा मांगे रख दो सिर पर हाथ

तेरे ख्यालों....।।।....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।