सखी ठुमक ठुमक कर नाचे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-मेरे उठने बिरह की पीर सखी

सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर

बिहारी रे

मौर बिहारी रे मेरो,रास बिहारी रे

सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर

बिहारी रे...

1.नन्द गांव को कृष्ण कन्हैया,नटखट नन्द

का छोरा

नीलमणि रीतू राज बसंती,रस लपंट रस

भोरा

नित नव नव लीला करे,मेरो मौर बिहारी रे

सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर

बिहारी रे

मौर बिहारी रे मेरो,रास बिहारी रे

सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर

बिहारी रे...

2.निद्धिवन नाचत कुंज बिहारी,मधुबन नाच

नचईयाँ,

यमुना तट को रास रचईया,मोहन मुरली

बजईया

राधे को चितचोर सावरिया,गिरवर धारी रे

सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर

बिहारी रे

मौर बिहारी रे मेरो,रास बिहारी रे

सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर

बिहारी रे...

3.सर पर कलगी पंख रंगीले,नैन रसीले रे

छंन छंन करते पाँव में घुंगरू,होंठ रसीले रे

नन्द गांव से मौरकुटी में आओ,मार उडारी

रे

सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर

बिहारी रे

मौर बिहारी रे मेरो,रास बिहारी रे

सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर

बिहारी रे...

4.मधुप हरी मधुर रस बरसे,श्याम घटा

घनघोर

छंम छंम नाचे मौर मुखी,जन होई अंत

विभोर,

प्यारो ठाकुर मौर बिहारी जू की,मैं बलिहारी

रे

मौर बिहारी रे मेरो,रास बिहारी रे

सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर

बिहारी रे

मौर बिहारी रे मेरो,रास बिहारी रे

सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर

बिहारी रे...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।