बोले राधे राधे मुरली मधुर धुन

प. पू. श्री श्रीकान्त दास जी महाराज ।
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भजन : बोले राधे राधे मुरली मधुर धुन ।

बोले राधे राधे मुरली मधुर धुन,

नाचे अंग अंग मेरा सारा ।

गोपी रुक रुक देखें हरि को,

हँसता है जमुन किनारा ॥

वंशीवट की प्रिया छैया ।

देखो ठाढ़ो कुँवर कन्हैया ॥

देखो चम चम चमके रेती,

गोपी भूलि गयीं घर द्वारा ।बोले ...

मुरली हरि अधर पे शोभित ।

दर्शन हित सुर मुनि लोभित ॥

पीताम्बर उड़ता फर-फर,

मन्मथ मन लखि के हारा ।बोले...

नयनों की शोभा प्यारी ।

अरुणिम कपोल बनवारी ॥

देवादास चन्द्र द्युति निर्मल,

चहुँ दिशि फैला उजियारा ।बोले...

भजन रचना : प.पू.गुरुदेव श्री स्वामी देवादास जी महाराज ।

स्वर : प. पू. श्री श्रीकान्त दास जी महाराज ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।