चाँदी की दिवार को तोडा

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चाँदी की दिवार को तोडा, मीरा ने घर छोड़ दिया,

इक धनवान की बेटी ने गिरधर से नाता जोड़ लिया,

नाचे गए मीरा बाई लेकर घर में इकतारा,

पग में घुंघरू गल में माला भेष जोगियन का धारा,

राणा कुल की आन-बान को, मीरा जी ने तोड़ दिया,

इक धनवान की बेटी ने ..........................

सास कहे कुलनाशी मीरा, लगे गले में फासी रे,

कैसे जीना होगा मेरा, जग करता यु हाँसी रे,

मन पिया की बनी जोगनिया, तन पिया को छोड़ दिया,

इक राजा की रानी ने ..........................

सापं पिटारा भेजा रनों, हार मौत के शुलों का ,

हंस कर मीरा ने पहना, हार बन गया फूलों का ,

प्रेम दीवानी मीरा देखो, मोह से बंधन तोड़ दिया,

इक धनवान की बेटी ने ..........................

पी गई मीराबाई देखो, राणा के विष का प्याला,

कौन बिगड़ सके उसका, जिसका गिरधर रखवाला,

गिरधर के रंग में दासी ने, जग से नाता तोड़ लिया,

इक धनवान की बेटी ने ..........................

श्याम शरण में जो कोई जाते, श्याम के ही बन जाते है,

भक्त दयालु भजन भाव में, मीरा के गुण गाते है,

भाव सागर से तर गई मीरा, भाव से बंधन तोड़ दिया,

इक धनवान की बेटी ने ..........................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।