राम जी की नगरी में आई रे बहार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

राम जी की नगरी में आई रे बाहर

अवध में होली खेले बालाजी महाराज

बालाजी को देखने विष्णु जी आए

विष्णु जी आए सॉन्ग लक्ष्मी जी को ले

नारद जी के रंग दिए दोनों गाल

अवध में होली खेले बालाजी महाराज

बालाजी को देखने शंकर जी आए

शंकर जी आए सॉन्ग गोरा जी को ले

नदी को पिलाई दी लस्सी में भांग

अवध में होली खेले बालाजी महाराज

बालाजी को देखने कान्हा जी आए

कान्हा जी आए सॉन्ग रुकमण को लाए

राधा जी के संग में कर रहे नाच

अवध में होली खेले बालाजी महाराज

बालाजी को देखने माता रानी आए

माता रानी आई संग भक्तों को लाई ए

बालाजी में रंग दिए भैरवनाथ

अवध में होली खेले बालाजी महाराज

राम जी आए लेकर भर पिचकारी

रंगों की झोली जनक दुलारी

दोनों ने रंग दिए वीर हनुमान

अवध में होली खेले बालाजी महाराज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।