मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया,

मैं चढ़दी जावा माँ सुंदर पहाड़िया,

उचिया पहाड़िया तेरियां पहाड़िया माँ...........

जद मैं पौंची कटरा शहर मिल गैयाँ माँ संगता प्यारियां,

मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया........

जद मैं पोहंची वान गंगा ला लाइया माँ रज रज ताड़ियाँ,

मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया...........

जद मैं पौंची चरण पादुका मिल गैयाँ माँ तेरियां निशानियाँ,

मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया...........

जद मैं पौंची आध कवारी लंग गई आ माँ गरव प्यारीया ,

मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया........

जद मैं पौंची गुफा दे अंदर हो गैयाँ माँ सब आसा पुरियां ,

मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।