जो राम कहता हैं, वो वैकुंठ जाता हैं

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जो राम कहता है , वो वैकुंठ जाता है ,

बस राम कहने से , वो तो तर जाता है ,

अहिल्या ने कहा था राम , सबरी ने कहा था राम ,

दोनों ने कहा था राम , दोनों को मिला निज धाम ,

जो राम कहता है , वो वैकुंठ जाता है ,

बस राम कहने से , वो तो तर जाता है ,

बाली ने कहा था राम, सुगरीव ने कहा था राम ,

दोनों ने कहा था राम , दोनों को मिला निज धाम ,

जो राम कहता है , वो वैकुंठ जाता है ,

बस राम कहने से , वो तो तर जाता है ,

केवट ने कहा था राम , सेवक ने कहा था राम ,

दोनों ने कहा था राम , दोनों को मिला निज धाम ,

जो राम कहता है , वो वैकुंठ जाता है ,

बस राम कहने से , वो तो तर जाता है ,

जटायु ने कहा था राम, सम्पाती ने कहा था राम,

दोनों ने कहा था राम , दोनों को मिला निज धाम ,

जो राम कहता है , वो वैकुंठ जाता है ,

बस राम कहने से , वो तो तर जाता है ,

अंगद ने कहा था राम , जामवंत ने कहा था राम ,

दोनों ने कहा था राम , दोनों को मिला निज धाम ,

जो राम कहता है , वो वैकुंठ जाता है ,

बस राम कहने से , वो तो तर जाता है ,

विभिसन ने कहा था राम, मारीच ने कहा था राम ,

दोनों ने कहा था राम , दोनों को मिला निज धाम ,

जो राम कहता है , वो वैकुंठ जाता है ,

बस राम कहने से , वो तो तर जाता है ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।