अंगना म लगे दाई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अंगना म लगे दाई झूलना तो तोर... 2

हवय येदे सातो बहिनिया,झूलावाय दाई अंगना म तोर ॥

मने नइतो माने दाई कौन गांव के,

मने नइतो माने दाई कौन गांव के,

झूलना वो झूलत हावे मन भर के,

अंगना म लगे दाई झूलना तो तोर... 2

हवय येदे सातो बहिनिया...

तहु ह झूलाले सखी देख भाल के,

तहु ह झूलाले सखी देख भाल के,

झूलना म बइठे हे माई घर के,

अंगना म लगे दाई झूलना तो तोर... 2

हवय येदे सातो बहिनिया...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।