पवन संग जाओ, चूड़ामणि

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

पवन संग जाओ,

सुनलो उठो हनुमाना ओ सुनलो...

है मारुति, चूड़ामणि

देना इसे मेरे राम को...

यही वैदेही की अमर निशानी है

भक्त शिरोमणि बजरंग बनकर दूत लाये है

मिले है लंका में, माई जानकी से

राम प्रभु को देने को ये सबूत लाये है

ये ना विरह, बस राम का

ये तो सृजन, भरोसे का

सुहाग का गहना, दिया प्रभु को जब

नैन सजल ले साथ प्रभु उसे हृदय लगाए है

बड़े दिनों के बाद, आज जानकी की

प्रेम निशानी को अश्रु स्नान कराए है

Lyrics -

शुभम् - सुमित (शर्मा ब्रदर्स)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।