नख पर धार लियो गिरिराज

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नख पर धार लियो गिरिराज,

नाम गिरधारी पायो है,

सुरपति पूजा मेट कृष्ण,

गिरिराज पुजायो है,

सवा लाख मण सामग्री का,

भोग लगायो है,

नख पर धार...

पडी स्वर्ग में खबर क्रोध,

सुरपति को छायो है,

मूसलधार अपार बहुत,

पानी बरसायो है,

नख पर धार...

पड़ी ना ब्रज पर बूंद,

इंद्र देखत घबरायो है,

ब्रजवासी सब कहे,

धरण गिरिराज उठायो है,

नख पर धार...

धन धन श्री ब्रजचंद्र,

इंद्र को मान घटायो है,

घासीराम गोवर्धन वारो,

हरि जस गायो है,

नख पर धार...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।