जब से मिली नजर वो मेरे दिल में बस गए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब से मिली नजर , वो मेरे दिल में बस गए ,

ऐसा हुआ असर , वो मेरे दिल में बस गए ,

जब से मिली नजर , वो मेरे दिल में बस गए ,

जब उन्हें देखा पहली बार, उनसे जुड़ गए दिल के तार ,

जब उन्हें देखा पहली बार, उनसे जुड़ गए दिल के तार ,

उनके बिना अब रह नहीं पाऊ, मुझको हो गया उनसे प्यार ,

उनके बिना अब रह नहीं पाऊ, मुझको हो गया उनसे प्यार ,

ऐसा हुआ असर , वो मेरे दिल में बस गए ,

जब से मिली नजर , वो मेरे दिल में बस गए ,

उनके पास में जाने लगी , उनसे नजरे मिलाने लगी ,

उनके पास में जाने लगी , उनसे नजरे मिलाने लगी ,

कह ना सकी कुछ भी उनसे , मन ही मन उन्हें चाहने लगी ,

कह ना सकी कुछ भी उनसे , मन ही मन उन्हें चाहने लगी ,

ऐसा हुआ असर , वो मेरे दिल में बस गए ,

जब से मिली नजर , वो मेरे दिल में बस गए ,

में तो उनकी राधा हूँ , वो तो है श्याम मेरे ,

में तो उनकी राधा हूँ , वो तो है श्याम मेरे ,

जितनी में दीवानी हूँ , उतने दीवाने वो मेरे ,

जितनी में दीवानी हूँ , उतने दीवाने वो मेरे ,

ऐसा हुआ असर , वो मेरे दिल में बस गए ,

जब से मिली नजर , वो मेरे दिल में बस गए ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।