जो भी तुम्हे देखे वो तेरा हो जाए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जो भी, तुम्हें देखे, वो तेरा, हो जाए

मेरे मन मोहन, वो तुझमें खो जाए।

जो भी तुम्हे देखे, वो तेरा हो जाए॥

गोलमोल चन्दा सा,

मुखड़ा तेरा प्यारा-2

मोर मुकुट सिर का,

सारे जग से न्यारा-2

तेरे दो नैना मेरे दिल पर जादू चलाए ॥

जो भी तुम्हे देखे...

गलपुष्पन माला ,

मोतीयन लड़ न्यारी-2

मुरली अधरन पर,

लट कारी कारी-2

मुरली की धुन तो, हम सबके मन को लुभाऐ ॥

जो भी तुम्हे देखे...

मन मेरा कहता है ,

छवि जी भर कर देखूं -2

नैनों के प्याले से ,

तुम्हे भीतर में ले लूं-2

भीतर मन मेरा अब झूमें और गाएँ ॥

जो भी तुम्हे देखे...

मैं मोहन तेरा ,

अब तू ही है मेरा-2

छोड़ के बन्धन सब,

डाला अब डेरा-2

कृपा यह करना ,तेरी भक्ति में रम जाऐं ॥

जो भी तुम्हे देखे...

सबकी तुम सुनते ,

हम सबकी भी सुनना-2

चरणों में रख लेना,

बस इतना ही कहना-2

संकीर्तन मण्डल बस तेरा गुण गाऐं ॥

जो भी तुम्हे देखे...

भाव रचनाकार

मोहन काबरा मन

श्री राधासर्वेश्वर संकीर्तन मंडल, किशनगढ़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।