तहु जाबे महू जाहु राजिम मेला

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तहु जाबे महू जाहु,राजिम मेला वो ॥

ये राजिम मेला हो, ये राजिम मेला वो ॥

तहु जाबे महू जाहु राजिम मेला...

राजिम मेला म, विष्णु मंदिर वो,

राजिम मेला भोला मंदिर.. ॥

तहु दरस पाबे वो,महू दरस पाहु वो,॥

तहु जाबे महू जाहु राजिम मेला...

राजिम मेला म,ढेलवा झूलबो वो

राजिम मेला चक्का गाडी घूमबो... ॥

तहु झूलबे वो,महू झूलहु वो ॥

तहु जाबे महू जाहु राजिम मेला...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।