बांकें बिहारी से करनी हैं दो बातें

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-सांवरे रसिया से,हो गई अपनी यारी

बांकें बिहारी से,करनी हैं दो बातें

कुंज बिहारी से,करनी हैं दो बातें

करनी हैं दो बातें सजनी,करनी हैं दो बातें

बांकें बिहारी से करनी हैं दो बातें...

जब आयेगा प्यार करूंगी,बार-

बार मनुहार करूंगी

सेवा मेरी लेगा हरपल,

और गुज़रेंगी कई रातें

बांकें बिहारी से,करनी हैं दो बातें

कुंज बिहारी से,करनी हैं दो बातें

बांकें बिहारी से,करनी हैं दो बातें...

मेरे मन से खैंलने वाला,

वो तो है गोकुल का गोयाला

दो नैनों के बाण चलाके,

लुटा जानें कानें

बांकें बिहारी से,करनी हैं दो बातें

कुंज बिहारी से,करनी हैं दो बातें

बांकें बिहारी से,करनी हैं दो बातें...

मैंने बहुत बुलाकर देखा,कभी रोई

कभी मुस्का के देखा पागल की

सुन करूंण पुकारें,आकर बसीं

बजा दे बांकें बिहारी से,करनी हैं

दो बातें कुंज बिहारी से,करनी हैं दो बातें

बांकें बिहारी से करनी हैं दो बातें...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।