दासी हूँ तेरी श्यामा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दासी हूँ तेरी श्यामा

दासी हूँ, तेरी श्यामा, सेवा में, साथ रख लो ॥

मैं आपकी, हूँ प्यारी ॥अपने ही, पास रख लो ।

दासी हूँ, तेरी राधे, सेवा में, साथ रख लो ।

दासी हूँ, तेरी श्यामा, सेवा में, साथ रख लो...

सुनलो, मेरी कहानी, श्री राधे, मेहरबानी ॥

श्री राधे, मेहरबानी,

चरणों की, रज में मुझको ॥हरदम ही, साथ रख लो ।

मैं आपकी, हूँ प्यारी, अपने ही, पास रख लो ।

दासी हूँ तेरी राधे, सेवा में साथ रख लो...

अवगुण से, भरी हुई हूँ, द्वारे पर, पड़ी हुई हूँ ॥

द्वारे पर, पड़ी हुई हूँ,

अपनी, कृपा से श्यामा ॥अवगुण तुम, हमारे हर लो ।

मैं आपकी, हूँ प्यारी, अपने ही, पास रख लो ।

दासी हूँ, तेरी राधे, सेवा में साथ रख लो...

द्वारे पर, पड़ी रहूँगी, तेरा ही, सुख चाहूँगी ॥

तेरा ही, सुख चाहूँगी,

चरणों की, देकर सेवा ॥चरणों के, पास रख लो ।

मैं आपकी, हूँ प्यारी, अपने ही, पास रख लो ।

दासी हूँ तेरी राधे, सेवा में साथ रख लो...

धुन...लाड़ली राधा, स्वामिनी राधा ॥

लाड़ली राधा, किशोरी राधा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।