मांगा है भेरूनाथ से, वरदान एक ही

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मांगा है मैंने नाथ से, वरदान एक ही॥

तेरी कृपा बनी रहे, जब तक है जिंदगी॥

जिस पर प्रभु का हाथ था, वो पार हो गया॥

जो भी शरण में आ गया, उद्धार हो गया॥

जिसको भरोसा नाथ पर, डूबा कभी नहीं॥

मांगा है भेरूनाथ से, वरदान एक ही॥

तेरी कृपा बनी रहे, जब तक है जिंदगी।

कोई समझ सका नहीं, माया बड़ी अजीब॥

चरणों में जो भी आ गया, है वो ही खुशनसीब...॥

इसकी तो मर्जी के बिना, पत्ता हिले नहीं...॥

तेरी दया बनी रहे... तेरी कृपा बनी रहे...

जब तक है... जिंदगी...

मांगा है भेरूनाथ से... वरदान एक ही...॥

ऐसे दयालु नाथ से, रिश्ता बनाइये॥

मिलता रहेगा आप को, जो कुछ भी चाहिये॥

ऐसा करिश्मा होगा जो, होता कभी नहीं॥

मांगा है भेरूनाथ से... वरदान एक ही...॥

तेरी कृपा बनी रहे... तेरी दया बनी रहे...

जब तक है... जिंदगी...

कहते है लोग जिंदगी, किस्मत की बात है॥

किस्मत बनाना भी मगर, इनके ही हाथ है...॥

बाबा करले यकीन अब, ज्यादा समय नहीं...

ओ.. नाथ करले यकीन अब, ज्यादा समय नहीं...

मांगा है भोलेनाथ से, वरदान एक ही...॥

प्रेषक- दिनेश सैनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।